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परसादी लाल कोसले

Bilaspur, Chhattisgarh

September 23, 2022

परसादी लाल कोसले जी का जन्म 6 सितम्बर सन् 1918 को देवरी गांव, जिला बिलासपुर में हुआ था। इनके पिता का नाम श्री लखना कोसले था। उन्होंने चैथी तक शिक्षा प्राप्त की थी। सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान उन्होंने अल्पायु में ही जुलूस और प्रदर्षन आदि में भाग लिया और जनजागरण का कार्य किया। विदेशी वस्त्र बहिष्कार के आंदोलन में उनकी विशेष भूमिका रही। अपनी सक्रिय भूमिका के कारण उन्हें 1 माह के लिए जेल भी जाना पड़ा। वे 20 जनवरी सन् 1932 से 3 फरवरी सन् 1932 तक बिलासपुर जेल में रहे। उन्हें 20 रुपये का अर्थदण्ड भी भुगतान पड़ा था। महात्मा गांधी के कवर्धा, मुंगेली, बिलासपुर आगमन के दौरान परसादी जी उनके साथ थे। वे आंदोलन के लिए युवकों को लगातार प्रेरित करते थे। राष्ट्रीय भावना और खादी का प्रचार अपने साथियों के साथ मिलकर एक अभियान की तरह चला रहे थे। इसलिये उन्हें सविनय अवज्ञा आंदोलन के द्वितीय चरण में पुनः गिरफ्तार किया गया। वे 6 जुलाई सन् 1932 से 23 नवम्बर सन् 1932 तक बिलासपुर जेल मेें रहे। उनका स्वर्गवास 27 जुलाई सन् 2008 को हुआ।

References:

  1. भारत सरकार द्वारा प्रदत्त ताम्रपत्र 15 अगस्त 1़972
  2. म.प्र. षासन द्वारा जारी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाण पत्र 20 जनवरी1932
  3. बिलासपुर जेल द्वारा जारी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाण पत्र 6 जुलाई 1932
  4. देवीप्रसाद कोसले (उनके नाती) से साक्षात्कार, 22 जून 2022

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