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वासुदेव देवरस

Bilaspur, Chhattisgarh

September 23, 2022

वासुदेव देवरस का जन्म 5 सितम्बर सन् 1914 को बिलासपुर के तिलक नगर में हुआ था। वासुदेव देवरस ने सन् 1928 में स्कूली छात्रों को साथ जोड़कर बिलासपुर में वानर सेना का गठन किया। जिसके माध्यम से सुबह प्रभात फेरी निकाली जाती थी। जिसमें आजादी के प्रति लोगोें में जन जागरण छेड़ा जाता था। प्रभात फेरी में अंग्रेजों भारत छोड़ो जैसे नारे लगाये जाते थे। उन दिनों शासकीय स्कूलों में यूनियन जैक लगा रहता था। उसे उतार कर तिरंगा झण्डा फहराया। इस दौरान उसके कुछ साथी भी साथ रहे। जिसके फलस्वरुप देवरस जी को दण्ड दिया गया। दण्ड के रुप में इन्हें उस समय के शासकीय वाहन से रतनपुर के घोर जंगल में छोड़ दिया गया । जहां से वे सकुशल वापस लौट आये, क्योंकि वे रतनपुर क्षेत्र (वह उनका नानी गांव था) से भलीभांति परिचित थे। लगातार शासन के विरूद्व कार्य व गढ़वाल दिवस में भाग लेने के कारण इन्हें बिलासपुर छोड़ना पड़ा। इसके बाद नागपुर में अपने चाचा के पास रहने लगे। यही डाॅ. देवरस ने बी.एस.सी. उत्तीर्ण किया। नागपुर में इस दौरान दो प्रमुख कांड हुए, एक अमरावती का डकैती और दूसरा सीताबर्डी कांड इन दोनों में ही देवरस जी का नाम सामने आया। अतः देवरस जी को नागपुर भी छोड़ना पड़ा । फिर वे बनारस गए, जहां ये अपने आगे की पढ़ाई करना चाहते थे। लेकिन राष्ट्रीय आंदोलन में इनकी भागीदारी के कारण इन्हें प्रवेश नहीं मिल रहा था। तब ई. राद्यवेन्द्र राव ने श्री देवरस जी के लिए सिफारिश की। उनकी सिफारिश के बाद श्री देवरस जी को बनारस के काशी हिन्दी विष्वविद्यालय में प्रवेश मिल गया। जहां से उन्होंने आयुर्वेदाचार्य मेडिसीन एंड सर्जरी (ए.एम.एस.) की परीक्षा पास की। बनारस में देवरस जी की मुलाकात महामाना पं. मदन मोहन मालवीय से हुई। बनारस में शिक्षा के दौरान क्रांतिकारियों ने श्री देवरस का नाम बदलकर रक्शा रख दिया था। जो गुप्त योजनाओं या सी.आई.डी. कार्यो को अंजाम देते थे। देवरस जी ने 16 अगस्त सन् 1942 को अपने साथियों क्रांति कुमार भारतीय, रामचरण साहू व सीकर राव पोकली के साथ मिलकर जिला कचहरी के ऊपर लगे यूनियन फ्लैग को उतार दिया। उन्हें गिरफ्तार कर रायपुर, जबलपुर, नैनी व बिलासपुर जेल में रखा गया। जिसके बाद 7 जुलाई सन् 1944 को रिहा हुए। वासुदेव देवरस का स्वर्गवास 29 दिसम्बर सन् 1977 को हुआ था।

References:

  1. डिस्ट्रिक्ट कलेंडर आॅफ इवेन्ट’स आॅॅफ सिविल डिसओबिडियेन्स मूवमेंट, अगस्त, अक्टूबर 1942
  2. बिलासपुर जिले के स्वतंत्रता संग्राम सैनिक परिचय, नगर पालिका निगम बिलासपुर (म.प्र.), क्रं.178
  3. डाॅ. वासुदेव देवरस द्वारा स्वतः टाइप किया गया दस्तावेज 
  4. श्री चन्द्रप्रकाश देवरस (उनके सुपुत्र) का साक्षात्कार , 9 जून 2022. 

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